जिस देश में प्रधानमंत्री के हत्यारों को राजनीतिक दल अपना हित साधने के लिए छोड़ने की बात कर सकते हैं, उस देश में आम इनसान कैसे न्याय और कानून पर विश्वास करे? यहां बात हो रही है हमारे देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी की हत्या की. पिछले दिनों खबर आयी थी कि उच्चतम न्यायालय ने राजीव गांधी के हत्यारों को सुनायी गयी फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया.
उसके ठीक बाद ऐसी खबरें आयीं कि दक्षिण भारत के कुछ राजनीतिक दल उन हत्यारों की रिहाई की तैयारियां करने लगे. अगर इस देश में प्रधानमंत्री के हत्यारों को फांसी नहीं दी जाती है, तो आम जनता को मैं सचेत करना चाहता हूं कि आप यहां सुरक्षित नहीं हैं. न्याय की उम्मीद तो गलती से भी ना करें. देश में केवल राजनीति चल रही है. जिसके पास सत्ता है, वही राजा है.
पालुराम हेंब्रम, सालगाझारी
