272 ही क्यों, 303 क्यों नहीं?

भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनाव में जो 272 सांसदों का लक्ष्य रखा है, वह उचित नहीं है क्योंकि नरेंद्र मोदी की जनसभाओं में बड़ा अपार जनसमूह देखने को मिल रहा है. इसलिए इसे बढ़ा कर 303 किया जाना ही सही होगा. हिंदुत्व के एजेंडे पर आधारित इस पार्टी के लिए तो 101 की दान-पुण्य की […]

भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनाव में जो 272 सांसदों का लक्ष्य रखा है, वह उचित नहीं है क्योंकि नरेंद्र मोदी की जनसभाओं में बड़ा अपार जनसमूह देखने को मिल रहा है. इसलिए इसे बढ़ा कर 303 किया जाना ही सही होगा. हिंदुत्व के एजेंडे पर आधारित इस पार्टी के लिए तो 101 की दान-पुण्य की संख्या ही ठीक मानी गयी है. ब्रह्मा-विष्णु-महेश, सत्यम्-शिवम्-सुंदरम् और राम-लक्ष्मण-सीता के नामों में प्रत्येक के लिए 101 रखें तो यह 303 ही शुभ बनता है.

इसलिए भाजपा के लिए 272 के छोटे लक्ष्य के स्थान को सुधार कर 303 का बड़ा और सही लक्ष्य रखना ही उचित होगा. संभव है कि वह इससे भी कहीं अधिक ही प्राप्त कर जाये. मगर इसके लिए तो उसे त्याग, तपस्या और पारदर्शी जनसेवा की दूसरी पार्टियों से भी लंबी छलांग जरूर लगानी होगी. बाकी तो मतदाताओं की मरजी.

वेद प्रकाश, नरेला दिल्ली

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