सीबीएसई द्वारा सत्र 2017-18 से बोर्ड बेस्ड परीक्षा प्रणाली लागू किये जाने और परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किये जाने से सीबीएसई के शिक्षण और परीक्षण दोनों ही व्यवस्थाओं की गुणवत्ता में सुधार आने की संभावना है.
आंतरिक परीक्षण प्रणाली को टर्म एग्जाम और विषय संवर्धन में परिणत किये जाने और स्कूल बेस्ड परीक्षा को समाप्त किये जाने से यह उम्मीद की जा सकती है कि विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति जागरूकता बढ़ेगी. इससे विद्यार्थियों के ज्ञान के विस्तार पटल को भी एक नया आयाम मिलेगा. शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना नहीं, बल्कि देश के लिए एक अच्छा नागरिक बनाना होना चाहिए. उम्मीद है कि शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी सभी शिक्षा के इस पहलू को समझ कर अपनी जिम्मेदारी निभायेंगे.
डॉ प्रभात कुमार , मानसरोवर, जयपुर
