।। सत्य प्रकाश चौधरी।।
( प्रभात खबर, रांची)
‘आप’ की दुकान अखाड़ा बनी हुई थी. एक नये-नये मोदी भक्त और एक पुराने कांग्रेसी (नये कांग्रेसी मिलते ही कहां हैं?) के बीच जबानी जंग छिड़ी हुई थी. जो इस मुकाम तक पहुंच गयी थी कि वे एक-दूसरे को कुछ खास अंगों का बाल बता रहे थे. अगर माननीय शिवराज सिंह चौहान इस फागुनी झगड़े को सुन लेते तो जरूर शर्मिदा महसूस करते. इसलिए नहीं कि यह सब अश्लील था, बल्कि इसलिए कि ये बंदे उनसे दो रद्दा ऊपर निकल गये थे.
उन्होंने तो नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बीच फर्क बयान करने के लिए सिर्फ मूंछ और पूंछ के बाल की उपमा का इस्तेमाल किया था, पर ये दोनों तो और गहराई तक उतर गये थे. या यूं कहें कि अंदर की बात बाहर ले आये थे. पप्पू पनवाड़ी परमहंस की मुद्रा ओढ़े अपने काम में लगे थे. यानी, सबकुछ सुन कर भी कुछ नहीं सुन रहे थे. लेकिन कुछ देर बाद उनका धीरज चुकने लगा. फिर होठों के बीच आहिस्ता से बुदबुदाये, ‘‘चुनाव तक सब ऐसे ही कूकुर-बिलार जैसा लड़ेगा.’’ रुसवा साहब ने इसे सकारात्मक संकेत के रूप में लिया और पप्पू से चर्चा छेड़ दी, ‘‘और तुम्हारे केजरीवाल साहब कब शहर में तशरीफ ला रहे हैं?
पिछली बार जो आदमी उन्होंने यहां पार्टी की मीटिंग के लिए दिल्ली से भेजा था, उसका स्वागत तुम्हारे भाई-बंधुओं ने अंडे-टमाटर से किया था. इसे देख कर कहीं केजरीवाल जी डर तो नहीं गये?’’ पप्पू चिढ़ गये, ‘‘आपने क्या केजरीवाल को नपुंसक समझ रखा है?’’ रुसवा साहब बोले, ‘‘कैसी बात करते हो.. तुम कब से ऐसी घटिया जबान बोलने लगे?’’ पप्पू ने जवाब दिया, ‘‘अरे साहब! जब सलमान खुर्शीद जैसे केंद्रीय मंत्री नपुंसक बोल सकते हैं, वह भी पीएम उम्मीदवार को, तो मैंने इस शब्द का इस्तेमाल करके कौन सा गुनाह कर दिया?’’ रुसवा साहब बोले, ‘‘सलमान जी नाले में कूदें, तो तुम भी कूदोगे क्या? अरे भाई, दंगे रोकने में मर्द-नामर्द से क्या लेना-देना? अगर ‘मर्द’ होने से ही आदमी में दम-खम और काबिलीयत आती है, तो हमारे पड़ोसी फजलू चाचा को अगला प्रधानमंत्री बना दो, पूरे 11 बच्चों की लाइन लगा चुके हैं. ’’ पप्पू इस पर हल्के से मुस्कराये और बोले, ‘‘छोड़िए ये सब.
मेरे दिमाग में एक मजेदार बात आयी है- मोदी और राहुल गांधी का कंपटीशन तगड़ा चल रहा है. और, अभी दो दिन पहले असम में एक कार्यक्रम के दौरान दो औरतों ने राहुल गांधी को चूम लिया. सोचिए कि मोदी जी इस पर क्या सोच रहे होंगे? वह तो ठहरे ‘बाल ब्रrाचारी’ (घर आयी पत्नी तक को हाथ नहीं लगाया!), इस मामले में राहुल को टक्कर कैसे देंगे?’’ फागुन ने तुमको बौराना शुरू कर दिया है- पप्पू से यह कहते हुए रुसवा साहब रुख्सत हुए. उधर, मोदी भक्त और कांग्रेसी के बीच झगड़े में ‘इटली’ और ‘लड़की की जासूसी’ जैसे शब्द उछलने लगे थे. पप्पू ने उनकी आवाज दबाने के लिए कुरता-चोली फाड़ भोजपुरिया होली गीत तेज कर दिया.
