जलीकट्टू खेल पर सर्वोच्च न्यायालय ने प्रतियोगिता पर जीवन रक्षा हेतू प्रतिबंध लगा दिया है. लोग अध्यादेश के माध्यम से न्यायालय के फैसले को प्रभावित करना चाहते हैं.
इसमें देश के विभिन्न भागों में गलत संदेश जायेगा. समय की मांग है कि सांस्कृतिक परंपरा के नियमों में ही इस तरह का बदलाव किया जाये, जिससे कि परंपरा की मूल भावना कायम रहे तथा शुभ अवसर पर पशु तथा मानव के मृत्यु के कारण हमें शोकग्रस्त न होना पड़े. साहस वीरता को दिखाने के लिए यदि आवश्यक हो तो सुरक्षात्मक उपाय के रूप में परिवर्तन का प्रयास करना चाहिए, जो मानव एवं पशु दोनों के लिए न्यायोचित एवं तर्कसंगत हो.
हरेराम सिंह, बरियातु, रांची
