जिस तरह वर्तमान समय में भारत में पूरा कैशलेस छाया हुआ है बस ठीक उसी तरह वर्तमान में बरही के मलकोको गांव में पूरी तरह महुआ शराब छाया है. यहां न तो शराब बेचनेवालों की कमी है और न ही पीनेवालों की. इस गांव में शराब से होने वाली घटना एक से बढ़कर एक है. न जाने कितने शराबियों ने अपने बच्चे, पत्नी को पीट-पीट कर बेबस कर दिया है, परिवार टूट गया है. क्या झारखंड सरकार शराब पर बैन नहीं लगा सकती है? पूर्ण बहुमत वाली झारखंड की सरकार क्या नीतीश की सरकार से भी कमजोर है?
अभिषेक रंजन, बरही, हजारीबाग
