बेसहारा बुजुर्गों को मिले सुविधाएं

भारत सरकार द्वारा वर्ष 2007 में बनाये गये ‘माता-पिता व वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम’ झारखंड में नहीं लागू होने के कारण बेसहारा बुजुर्ग लाभ से पूर्णरूपेण वंचित है. अधिनियम की धारा 20 के अनुसार वरिष्ठ नागरिकों की चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के क्रम में अंकित करना है कि सरकारी अस्पताल या सरकारी वित्त […]

भारत सरकार द्वारा वर्ष 2007 में बनाये गये ‘माता-पिता व वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम’ झारखंड में नहीं लागू होने के कारण बेसहारा बुजुर्ग लाभ से पूर्णरूपेण वंचित है.
अधिनियम की धारा 20 के अनुसार वरिष्ठ नागरिकों की चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के क्रम में अंकित करना है कि सरकारी अस्पताल या सरकारी वित्त पोषित अस्पतालों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेड प्रदान करना, अलग काउंटर की व्यवस्था करने का प्रावधान है, से वरिष्ठ नागरिक वंचित हैं. अधिनियम के क्रियान्वयन की जिम्मेवारी उपायुक्तों / जिला मजिस्ट्रेटों को दी गयी है. प्रत्येक जिला में न्यायािधकरण बनाने का भी प्रावधान है. झारखंड सरकार से अंतिम पायदान पर पहुंचे बेसहारा बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील होने की सादर अपील है.
परमेश्वर झा, दुमका

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