माननीय प्रधानमंत्री जी ने स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की है, लेकिन क्या यह धरातल पर उतर पायेगी? क्या लोग इसे इतनी आसानी से अपनायेंगे? क्या राज्य सरकारें मोदी जी के अपितु गांधी जी के सपने को साकार करने में सहयोग करेंगे? आजकल शहरों और गांवों में गंदगी का अंबार है.
एक ओर जहां शहरों में भारी वाहनों, कल-कारखानों जैसे कई कारणों से गंदगी और प्रदूषण फैल रही है. वहीं गांवों में खुले में शौच के लिए जाना, नालियों में कचरा फेंकना जैसे कई कारणों से गंदगी फैल रही है. स्वच्छ भारत मिशन को मूर्तरूप देने के लिए हमें अपने में बदलाव लाना होगा. अपनी मानसिकता में परिवर्तन लाना होगा, तभी गांधी जी का सपना साकार कर पायेंगे. इसके लिए हम सब को एक कदम स्वच्छता की ओर बढ़ाना पड़ेगा.
चिंटू सिंह राजपूत, सारठ, देवघर
