कुछ दशकों से प्रदूषण के कारण प्रकृति का संतुलन बिगड़ गया है. इसका बहुत बड़ा कारण औद्योगिक क्षेत्र से निकलते जहरीले धुएं व पानी, जंगल की कटाई इत्यादि है. कुछ दिन पहले ही दिल्ली में प्रदूषण इतना बढ़ गया कि सांस लेना मुश्किल हो गया. हमारे धरोहर भी इससे अछूते नहीं हैं.
दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल की चमक प्रदूषण के कारण फीकी हो गयी है. और भी कई उदाहरण हैं. हम सब को अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाने चाहिए. इससे पर्यावरण संतुलित होगा. सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए. माननीय प्रधानमंत्री को स्वच्छ भारत अभियान के साथ ही स्वच्छ पर्यावरण अभियान चलाना चाहिए.
देवेन्द्र सोरेन, पेटरवार, बोकारो
