अमेरिका ने हैकिंग का आरोप लगते हुए, रूस के 35 राजनयिक अधिकारियों को 72 घंटे में देश छोड़ने को कह दिया. मगर यहां तो रुसी राष्ट्रपति पुतिन काफी खुश दिखाई दे रहे हैं.
कोई बदले की कार्रवाई भी नहीं करने का ऐलान किया. उनके इस कदम को डोनाल्ड ट्रम्प ने सराहा है. इसका मतलब क्या यह समझा जाये कि राष्ट्रपति चुनावों को ट्रम्प के पक्ष में करने के लिए सचमुच में रूस ने भूमिका निभायी थी? यकीन नहीं हो रहा.
मान लीजिए डेमोक्रेटिक पार्टी एवं हिलेरी क्लिंटन के गुप्त गतिविधियों की सूचना, साइबर हमले के तहत, ट्रम्प तक पहुंचा भी दिया गया, तो ऐसे में वोटर किस तरह ट्रम्प में पक्ष में चला जायेगा? अगर रूस और अमेरिका की दोस्ती, ट्रम्प के आने के बाद और प्रगाढ़ होते हैं, तो ये विश्व के लिए अच्छी खबर है.
जंग बहादुर सिंह, गोलपहाड़ी
