क्या चुनाव होगा कैशलेस?

देश को आगे बढ़ाने का जिम्मा हम सबका है. पर हमारी सरकार समझती है कि इसका दायित्व सिर्फ और सिर्फ आम आदमी का है. देश में जो भी निर्णय लिया जाता है, उसे कड़वी दवा बोलकर उसका घूंट आम आदमी को पिला दिया जाता है और नेता इससे बच निकलते हैं अपनी राजनीतिक चालाकी से. […]

देश को आगे बढ़ाने का जिम्मा हम सबका है. पर हमारी सरकार समझती है कि इसका दायित्व सिर्फ और सिर्फ आम आदमी का है. देश में जो भी निर्णय लिया जाता है, उसे कड़वी दवा बोलकर उसका घूंट आम आदमी को पिला दिया जाता है और नेता इससे बच निकलते हैं अपनी राजनीतिक चालाकी से.
आम आदमी के सामने आपस में लड़ते तो हैं, पर परदे के पीछे का खेल कौन जाने? अगर देश को आगे बढ़ाना है और देश का भला करना है, तो चुनाव प्रणाली में सुधार की आमूल चूल परिवर्तन की जरूरत है. चुनाव भी कैश लेस करने की जरूरत है. इस मुद्दे पर सरकार को निर्णय जरूर लेना चाहिये. तब समझा जायेगा कि वाकई सरकार देश को भ्रष्टाचार मुक्त करना चाहती है. इससे चुनाव में असीमित खर्च पर रोक लगेगा और वोट के खरीद फरोख्त पर भी लगाम लगेगी.
सुमंत चौधरी, जमशेदपुर

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