कैशलेस हो राजनीति !

पूरे देश में कैशलेस होने का मुहिम चलाया जा रहा है, सभी को इस प्लेटफॉर्म में आने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है. ठीक उसी प्रकार क्या सरकार हर राजनीतिक पार्टी को कैशलेस होने के लिए प्रोत्साहित करेगी? या स्वयं पहले कैशलेस होकर एक उदाहरण पेश करेगी. क्या हरेक राजनीतिक पार्टी को कैशलेस नहीं […]

पूरे देश में कैशलेस होने का मुहिम चलाया जा रहा है, सभी को इस प्लेटफॉर्म में आने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है. ठीक उसी प्रकार क्या सरकार हर राजनीतिक पार्टी को कैशलेस होने के लिए प्रोत्साहित करेगी? या स्वयं पहले कैशलेस होकर एक उदाहरण पेश करेगी. क्या हरेक राजनीतिक पार्टी को कैशलेस नहीं होना चाहिए? ताकि चंदे में मिले पैसों में भी पारदर्शिता हो सके.
यहां तक कि अगर कोई किसी भी राजनीतिक पार्टी का सदस्य भी बने, तो सदस्यता शुल्क भी कैशलेस हो. अगर देश कैशलेस बन रहा है, तो राजनीतिक पार्टी भी क्यों पीछे रहे? अगर आम आदमी कैशलेस बन रहा है, तो पार्टी के चंदे भी कैशलेस होना चाहिए. अगर हर आम आदमी की आमदनी पर नजर रखा जा रहा है, तो सभी राजनीतिक पार्टी को भी इस दायरे में खुद को लाने का पहल करनी चाहिए. अगर सच में भ्रष्टाचार खत्म करना है, तो शुरूआत घर से होनी चाहिए.
सुमंत चौधरी, जमशेदपुर

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