नोटबंदी का फैसला कालेधन और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए शायद सही तरीका होगा. इतिहास के आईने में नोटबंदी तीसरी बार हुआ है. पहली बार 1946 में अंग्रेजी सरकार ने नोटबंदी की तो पूरी अंगरेजी सरकार ही चली गयी. दूसरी बार 1978 में जनता पार्टी की सरकार ने की तो उनकी सरकार भी चली गयी. और अब तीसरी बार 2016 में मोदी सरकार ने नोटबंदी किया है.
इसके कारण आज लोग लाइन में खड़े-खड़े मर रहे हैं. नीचे तबके के लोग काम कर रहे हैं तो मजदूरी में खुदरा रुपया नहीं मिल रहा है. इन लोगों की मदद के लिए सरकार को आगे आना चाहिए, नहीं तो इस नोटबंदी के कारण मोदी सरकार को बड़ी चोट न लग जाये.
डा मो. असलम, डिवाडीह, धनबाद
