दिल्ली में 27 लाख के नये नोट पकड़े जाना यही बताता है कि देश में भ्रष्टाचार बहुत गहराई तक पहुंच गया है. भ्रष्टाचार की राह पर चलने वाले हर हाल में अपना आर्थिक कवच मजबूत रखने के लिए नयी तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं. सीधे मार्ग पर चलने वाले लोगों को नियमों के दायरे में रहना पड़ता है.
और चोरी-छुपे काम करनेवाले उनका काम नियमों को तोड़कर पूरा कर ही देते हैं.यही इस देश का बड़ा दुर्भाग्य है. पुराने नोट देकर इतनी बड़ी रकम नये नोटों के स्वरूप में मिलना इस भ्रष्टाचार में बैंककर्मियों की मिलीभगत होने के शक को बढ़ाता है. क्योंकि बैंकों के अलावा इतनी बड़ी रकम और कहीं से मिलना तो संभव नहीं है.
लोगों को एटीएम और बैंकों में से नये नोट मिलने के लिए अपनी जानें खोनी भी पड़ी है और यहां तो आराम से मुंबई से दिल्ली नये नोट लेकर भ्रष्टाचारी यात्रा करता है. देश को डुबाने में अपना योगदान देनेवाले ऐसे चोरों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी?
मनीषा चंदराणा, ईमेल से
