जब से मोदी सरकार ने 500 तथा 1000 के नोट को बैन करने का फैसला लिया है, तब से जनता से ज्यादा हमारा विपक्ष व्याकुल हो उठा है.अभी जब संसद का शीतकालीन सत्र प्रारंभ हो गया है, तो विपक्ष नित्य नये शोर-शराबे तथा हंगामे के द्वारा संसद की कार्यवाही में विघ्न डाल रहा है यह जानते हुए भी कि संसद सत्र में कितना खर्च होता है. मैं जानना चाहता हूं कि इस जनता के जनसभा (लोकसभा / राज्यसभा) में जनता के हित के प्रश्न पूछे जाते हैं, पर विपक्ष जिस प्रश्न पर आपत्ति कर रहा है, उस प्रश्न से जनता का क्या सरोकार है. जब जनता को कोई आपत्ति नहीं, तो विपक्ष कैसे जनता का हितैषी हो सकता है. जनता सब देख, समझ रही है. समय आने पर माकूल जबाब देगी.
दीपक कुमार , मनिका , लातेहार
