शिक्षक नहीं हैं, बच्चे कैसे पढ़ें?

हमारे झारखंड मे स्थायी सरकार होने के बाद भी यह हाल स्कूलों में देखने को मिल रहा है. देवघर जिला के करौं प्रखंड के करौंग्राम में स्थित रानी मंदाकिनी हाई स्कूल शिक्षक के अभाव में बच्चों की जिंदगी अंधकार में दिखती है. हाई स्कूल नौवीं और दसवीं की पढ़ाई सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे चल […]

हमारे झारखंड मे स्थायी सरकार होने के बाद भी यह हाल स्कूलों में देखने को मिल रहा है. देवघर जिला के करौं प्रखंड के करौंग्राम में स्थित रानी मंदाकिनी हाई स्कूल शिक्षक के अभाव में बच्चों की जिंदगी अंधकार में दिखती है. हाई स्कूल नौवीं और दसवीं की पढ़ाई सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे चल रही है. ऐसे में बच्चों के बोर्ड परीक्षा सामने आ रही है.
कुछ बच्चे ट्यूशन के भरोसे में पढ़ रहे हैं. ऐसे बहुत सारे परिवार के पास ट्यूशन तक का पैसा नहीं है. वे अपने बच्चों को कैसे पढ़ायें, समझ में नहीं आ रहा, करें तो क्या करें. सरकार को इस तरह के स्कूलों पर विशेष ध्यान देना चाहिए.
अक्षय सिंह, इमेल से

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >