काम बड़ा, तरीका छोटा !

पिछले बड़े ​नोटों के स्थान पर नये नोट ​एटीएम में फिट न होने से जनता को नयी परेशानी का सामना करना पड. रहा है़ बड़े ​2000 के नोट से ​लेन-देन ​​में ​ही ​आफत है़ बैकों में पर्याप्त कैश न होने और जनता की भारी भीड़ से तो लगता है कि जैसे बरात द्वार पर खड़ी […]

पिछले बड़े ​नोटों के स्थान पर नये नोट ​एटीएम में फिट न होने से जनता को नयी परेशानी का सामना करना पड. रहा है़ बड़े ​2000 के नोट से ​लेन-देन ​​में ​ही ​आफत है़ बैकों में पर्याप्त कैश न होने और जनता की भारी भीड़ से तो लगता है कि जैसे बरात द्वार पर खड़ी है ​और कड़ाही अभी चढ़ी है़
जनता के लिए उचित और ​ ​पर्याप्त​ कैश काउंटरों, बैठने-खड़े होने और टोकन नंबर आदि देने की कोई व्यवस्था आदि न होने से ​परेशानी है़
अब पचास दिन के बजाय पचास घंटे भी जनता को ​भारी पड़​ने लगा है़ ​नोटबंदी का यह ​कार्य वास्तव में बहुत बड़ा और ऐतिहासिक जरूर है मगर ​लागू करने में उचित व्यवस्था और तैयारी नहीं दिखती़
वेद मामूरपुर ,नरेला

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