मोदी की विदेश यात्रा को लेकर बहुत कुछ कहा गया है़, कि वे देश की आंतरिक समस्याओं को छोड़, केवल विदेश यात्राओं में मसरूफ है़ं इसके दूरगामी परिणामों के बारे में बहुतों ने नहीं सोचा़ विभिन्न देशों के महत्वपूर्ण राजनयिकों की भारत यात्रा इंगित करती है कि पहल हमें ही करनी चाहिये़
कई देशों के महत्वपूर्ण पदों के राजनयिक तो 15 या 20 वर्षों के बाद भारत की यात्रा पर आये है़ं भारत के पास विश्वपटल पर उभरने का अच्छा मौका है़ इससे दूसरे देशों से विभिन्न क्षेत्रो में मदद मिलेगी और मिल भी रही है़ इससे हम कूपमंडूक होने से भी बचेंगे़
सीमा साही, बोकारो
