इंजीनियरिंग शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए केंद्र का प्रयास जरूरी

‘चमक खोती इंजीनियरिंग’ शीर्षक से लिखे अपने लेख में डाॅ भरत झुनझुनवाला ने इंजीनियरिंग की बदहाल होती अवस्था को बादाम के माध्यम से समझाने का प्रयास किया है़ हमारे देश में इंजीनियरिंग कालेजों की भीड़ का ध्यान गुणवत्ता की ओर नहीं जाता़ इसके लिए कहीं न कहीं सरकार की नीतियां भी कम उत्तरदायी नहीं है़ […]

‘चमक खोती इंजीनियरिंग’ शीर्षक से लिखे अपने लेख में डाॅ भरत झुनझुनवाला ने इंजीनियरिंग की बदहाल होती अवस्था को बादाम के माध्यम से समझाने का प्रयास किया है़ हमारे देश में इंजीनियरिंग कालेजों की भीड़ का ध्यान गुणवत्ता की ओर नहीं जाता़ इसके लिए कहीं न कहीं सरकार की नीतियां भी कम उत्तरदायी नहीं है़ केंद्र को इंजीनियरिंग के प्रति कम होते रुझान पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए और गुणवत्ता लाने के लिए नयी नीति तैयार करनी चाहिए.

चौधरी संघर्ष यादव, मलकौली बलिया
पोस्ट करें : प्रभात खबर, 15 पी
इंडस्ट्रियल एिरया, कोकर, रांची 834001
मेल करें : eletter@prabhatkhabar.in पर ई-मेल संिक्षप्त व िहंदी में हो.
िलपि रोमन भी हो सकती है
फैक्स करें : 0651-2544006 पर

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >