प्रधानमंत्री की 500 और एक 1000 के नोटो के बारे की गयी नयी घोषणा हालांकि आम जनता के लिए थोड़ी परेशानी लेकर आयी है, लेकिन यह निर्णय देशहित में लिया गया है. जो लोग अपनी परेशानियों का हवाला दे रहे हैं उन्हें यह बात समझनी चाहिए कि आज वे खुली हवा में सांस इस लिए ले पा रहे है क्योंकि कुछ लोगों ने देश की आजादी में अपने प्राणों की आहूति दी थी.
उस समय यदि लोग देशहित को नजरअंदाज कर व्यक्तिगत परेशानियों के बारे में सोचते तो आजादी मिलनी और भी कठिन था. आम जनता को चाहिए कि वोट की राजनीति करने वाले छुटभैये नेताओं के बहकावे में नहीं आकर और अपने व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर देश के बारे में भी सोचें.
सीमा साही, बोकारो
