भ्रष्टाचार, काला धन और नकली नोटों के कारण देश की अर्थव्यवस्था की कमर ही टूटी चुकी है. उसी व्यवस्था में सुधार लाने के लिए प्रधानमंत्री ने जो कदम उठायें उससे सकारात्मक परिवर्तन की आशा आम जनता को है. लेकिन एक हजार के नोट को बंद करते हुए दो हजार का नया नोट बाजार में लाने से काले धन पर कैसे रोक लगायी जा सकती है, इस पर संशय है.
काले धन को जमा करने में एक हजार जैसे बड़े नोट का इस्तेमाल बड़ी मात्रा में हुआ है. यही काम दो हजार के नोट से कैसे संभव नहीं होगा, यह सोचने का विषय है. इस नये उपाय से काले धन की समस्या कुछ दिन तक अपना असर नहीं दिखा पाये लेकिन आने वाले समय में काले धन का चक्र पुन: प्रारंभ हो जायेगा, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है.
जयेश राणे, मुंबई
