देश की इस स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन?

प्रभात खबर में दो नवंबर को मुखपृष्ठ पर प्रकाशित लेख ‘राज्य हित सबसे ऊपर’ सच में आत्ममंथन का विषय है़ सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और प्रस्ताव का क्रियान्वयन क्यों नहीं हो पा रहा है, यह वास्तव में चिंता का विषय है़ जहां तक मैं समझ पाता हूं, इसके लिए सबसे पहले प्रदेश की जनता को […]

प्रभात खबर में दो नवंबर को मुखपृष्ठ पर प्रकाशित लेख ‘राज्य हित सबसे ऊपर’ सच में आत्ममंथन का विषय है़ सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और प्रस्ताव का क्रियान्वयन क्यों नहीं हो पा रहा है, यह वास्तव में चिंता का विषय है़ जहां तक मैं समझ पाता हूं, इसके लिए सबसे पहले प्रदेश की जनता को अपनी मानसिकता में बदलाव करना पड़ेगा़ दूसरे शब्दों में कहें तो झारखंड समाज को एक पुनर्जागरण की आवश्यकता है़
सामाजिक कुरीतियों से ऊपर उठ कर सर्वप्रथम सरकार द्वारा चलाये जाने वाली सारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करे़ उसके पश्चात उन्हें मिलने वाली सुविधाओं के लिए संबंधित अधिकारी से संपर्क करे़ अगर संबंधित अधिकारी पर्याप्त कदम नहीं उठा रहा है तो निगरानी विभाग अथवा सूचना के अधिकार का उपयोग करे़ अगर वहां भी सफलता नहीं मिलती है तो मीडिया की मदद ले, परंतु गलत माध्यम का सहारा लेकर अपना काम न करवाये. ‘चलता है या मैं क्या कर सकता हूं’ की मानसिकता झारखंड की वर्तमान स्थिति के लिए जिम्मेदार है़
सौरभ, रांची

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