मिट्टी के दीये

रोशनी से चौकाचौंध दीवाली जैधे पर्व में ऊंचे-ऊंचे मकानों पर मिट्टी के दीये देख कर दिल को काफी सुकून मिलता है कि चाइनीज लड़ियों के बिना भी हम आदि काल की तरह दीवाली मना सकते हैं. सर्वप्रथम हम अपना देश हित के बारे में सोचे कि अक्सर चीन कहता रहता है कि भारतीय सिर्फ चिल्लाना […]

रोशनी से चौकाचौंध दीवाली जैधे पर्व में ऊंचे-ऊंचे मकानों पर मिट्टी के दीये देख कर दिल को काफी सुकून मिलता है कि चाइनीज लड़ियों के बिना भी हम आदि काल की तरह दीवाली मना सकते हैं. सर्वप्रथम हम अपना देश हित के बारे में सोचे कि अक्सर चीन कहता रहता है कि भारतीय सिर्फ चिल्लाना जानते हैं, सामान तो मेरा ही खरीदेंगे.

भले ही हम सीमा पार जा कर दुश्मनों से प्रतिशोध नहीं कर सकते, मगर घर बैठे दुश्मनों को सबक तो सीखा ही सकते हैं. दीवाली में घर की छत भले ही लड़ियों के बैगर अंधकार लगे, पर हम चाइनीज लाड़ियों के बिना दीवाली मना रहे हैं, यह खुशी की बात है. अब चीन को भी भारतीयों की दहाड़ सुनायी दे रही होगी. हमारे शहीद जवानों के बलिदान बेकार नहीं जायेंगे. इस दीवाली हम सब मिल कर मिट्टी के दीयों से शहीदों को श्रद्धांजलि देकर नमन करेंगे.

नवल किशोर सिंह, दुमका

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