बच्चों के स्कूल बैग का बोझ कम हो

हमारे देश में शिक्षा का प्रचार-प्रसार खूब हो रहा है़ निजी और सरकारी स्तर के अनेक संस्थान तेजी से खुल और काम कर रहे हैं. लेकिन, दूसरी ओर छोटे-बच्चों के स्कूल बैग के बोझ में तेजी से बढ़ोतरी होती जा रही है. निजी विद्यालयों में अंगरेजी की अनिवार्यता के चलते विषय इतने बढ़ गये हैं […]

हमारे देश में शिक्षा का प्रचार-प्रसार खूब हो रहा है़ निजी और सरकारी स्तर के अनेक संस्थान तेजी से खुल और काम कर रहे हैं. लेकिन, दूसरी ओर छोटे-बच्चों के स्कूल बैग के बोझ में तेजी से बढ़ोतरी होती जा रही है.
निजी विद्यालयों में अंगरेजी की अनिवार्यता के चलते विषय इतने बढ़ गये हैं कि बच्चों के साथ-साथ अभिभावक भी परेशान हैं. स्कूल बैग का बोझ इतना अधिक है कि बच्चे पीठ दर्द से परेशान होने लगे हैं. शिक्षा मंत्रालय को छोटे बच्चों बस्ते का बोझ कम करने के लिए कदम उठाने चाहिए.
मोहन कुमार मुंडा, घाटशिला

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