न बनायें संस्कृति का मजाक

आजकल फेसबुक-व्हाट्सअप पर बाबा रामदेव और उनके उत्पाद पतंजलि का खूब मजाक बनाया जाता है. लेकिन, उन लोगों को यह पता नहीं है कि पतंजलि सिर्फ एक कंपनी का नाम नहीं बल्कि योग के रचयिता ऋषि का नाम है. कृपया अपनी संस्कृति का मजाक न बनाये. जब सब कोई स्वदेशी अपनायेगा, तभी तो हमारा देश […]

आजकल फेसबुक-व्हाट्सअप पर बाबा रामदेव और उनके उत्पाद पतंजलि का खूब मजाक बनाया जाता है. लेकिन, उन लोगों को यह पता नहीं है कि पतंजलि सिर्फ एक कंपनी का नाम नहीं बल्कि योग के रचयिता ऋषि का नाम है. कृपया अपनी संस्कृति का मजाक न बनाये. जब सब कोई स्वदेशी अपनायेगा, तभी तो हमारा देश बढ़ेगा. सिर्फ बोलना नहीं है. अब संकल्प लेने का सही समय आ गया है कि स्वदेशी अपनाओ और देश बचाओ.
रोशन सिंह, ई-मेल से

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