चीन की चालबाजी

ब्रिक्स सम्मेलन के बाद भी चीन ने पाकिस्तान का समर्थन करके यह जता दिया है आतंकवाद के प्रति उसके रवैये में बदलाव नहीं आने वाला है़ यह सच है कि चीन भारत को दोस्ती के नाम पर मूर्ख बनाता रहा है़ एक तरफ तो वह आतंकवाद की निंदा करता है तो दूसरी ओर पाकिस्तान जैसे […]

ब्रिक्स सम्मेलन के बाद भी चीन ने पाकिस्तान का समर्थन करके यह जता दिया है आतंकवाद के प्रति उसके रवैये में बदलाव नहीं आने वाला है़ यह सच है कि चीन भारत को दोस्ती के नाम पर मूर्ख बनाता रहा है़ एक तरफ तो वह आतंकवाद की निंदा करता है तो दूसरी ओर पाकिस्तान जैसे आतंकवादी देश का समर्थन करना उसके दोहरे चरित्र को दर्शाता है.

भारत के रास्ते में रुकावट डालना जैसे उसकी आदत सी बन गयी है. वह विश्व में भारत के बढ़ते प्रभुत्व से जल-भुन सा गया है़ फलस्वरूप वह भारत को कमजोर करना चाहता है़ भारत को विश्व पटल पर एक सबल, मजबूत राष्ट्र के रूप में अपने आप को स्थापित करना चाहिए, जिससे उसके दुश्मन कुछ भी करने से पहले सौ बार सोचने पर मजबूर हो जायें.

चीन के इतिहास को देखते हुए यही लगता है कि चीन का शत्रुवत रवैया आगे भी बना रहेगा़ अतः भारत को अपने विरोधियों से दोस्ती के मामले में बहुत सतर्क रहने की आवश्यकता है़

सुनील कु यादव, बलिया

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >