युद्ध से बुद्ध तक

जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लखनऊ में दशहरा मनाने की बात सामने आयी, तभी से राजनीतिक अटकलें लगने लगी थीं कि मोदी सर्जिकल स्ट्राइक का फायदा इस मौके पर उठाने का प्रयास करेंगे़ वे ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने दिल्ली के बाहर दशहरा मनाया़ उन्होंने अपना भाषण युद्ध से बुद्ध की ओर मोड़ दिया़ […]

जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लखनऊ में दशहरा मनाने की बात सामने आयी, तभी से राजनीतिक अटकलें लगने लगी थीं कि मोदी सर्जिकल स्ट्राइक का फायदा इस मौके पर उठाने का प्रयास करेंगे़ वे ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने दिल्ली के बाहर दशहरा मनाया़ उन्होंने अपना भाषण युद्ध से बुद्ध की ओर मोड़ दिया़ यानी उन्होंने पाकिस्तान को परोक्ष रूप से यह समझा दिया है कि अगर हम पर युद्ध थोपा गया, तो हम युद्ध के लिए भी तैयार हैं. भारत हमेशा शांति चाहता है़ हमें दुनिया में एक मजबूत राष्ट्र के रूप में अपनी साख बनानी ही होगी. यह समय की मांग है़
यास्मीन परवीन, हजारीबाग
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