भारत में होनेवाली ब्रिक्स परिषद में शामिल होने से पहले वातावरण निर्माण हेतु चीन ने अपनी बात कह दी है. एनएसजी की सदस्यता दिलाने के लिए बातचीत के लिए तैयार, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के नाम पर राजनीतिक फायदा’ उठाने देने के विरोध में है.
कश्मीर के प्रश्न को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान अकेला घिर गया है. सिर्फ चीन ही उसके साथ रह कर भारत पर अपना शिकंजा कसने के लिए राजनीतिक खेल खेल रहा है. एनएसजी में शामिल देश परमाणु बम के बारे में कई नियमों में बंधे रहते हैं.
भारत को एनएसजी की सदस्यता दिलवा कर वह पाकिस्तान की रक्षा करना चाहता है, ताकि जब भारत-पाकिस्तान लड़ाई पर उतर आयें तब पाकिस्तान पर परमाणु बम का इस्तेमाल न किया जाये. चीन द्वारा हमेशा पाकिस्तान का पक्ष लेने के कारण वहां के आतंकी चीन को परेशान करने की नहीं सोचते. जिस पाकिस्तान का आतंकवाद पूरी दुनिया का सिरदर्द है, उसे चीन का अभयदान मिला हुआ है़
राहुल लोखंडे, ई-मेल से
