हाइ अलर्ट के बाद वाहन जांच अभियान लाजिमी है, लेकिन यह नहीं कि पुलिस जिसको चाहे वाहन जब्त के नाम पर अनावश्यक रूप से थाने ले जाये, फिर थाने की चहारदीवारी के अंदर अवैध रूप मनमानी वसूली करे. संबंधित वाहन मालिक के कागजात में त्रुटि है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, न कि रिश्वत लेकर छोड़ दिया जाये. सच यह है कि वाहन जांच के नाम पर आम लोगों को अत्यधिक परेशान किया जा रहा है.
टीवी, रेडियो और अखबार में प्रशासनिक उच्चाधिकारी जोर देकर पुलिस को निर्देश देते हैं कि आम जनता के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण बनायें. सोचिये क्यों? वह इसलिए क्योंकि उग्र मानसिकता वाले लोग पुनः उग्र रूप त्याग कर आम लोगों की तरह जीवन जियें. लेकिन, पुलिस की दबंगई से त्रस्त हो कर लोग उग्र रूप को ही अच्छा समझने की भूल करने लगते हैं. अगर पुलिस अपनी नीति को सुधार ले तो भ्रष्टाचार 50% खत्म हो जायेगा.
खालिक अंसारी, कैरो,लोहरदगा
