पाकिस्तान की नापाक हरकत दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है़ पठानकोट हमले का जख्म अभी भरा भी नहीं था कि एक और हमला हो गया़ आखिर कब तक हम इस तरह के हमलों को बरदाश्त करेंगे? आतंकवादी निर्दोष लोगों की निर्मम हत्याएं कर रहे हैं. अब समय आ गया है कि उनको उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जाये़
अब हमलों पर बहस के बजाय सीधे उसका जवाब दिया जाना चाहिए़ पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह दे कर अपनी मुसीबतें खुद बढ़ा रहा है़ अगर पाकिस्तान की यह नापाक हरकत अब खत्म नहीं हुई, तो वह दिन दूर नहीं जब इसका अस्तित्व खत्म हो जायेगा़
पियूष राज, दुधानी, दुमका
