अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में बनी आम आदमी पार्टी को दिल्ली की जनता ने एक राजनीतिक विकल्प के तौर पर चुना़ लोगों में यह उम्मीद जगी कि सत्ता में आने के बाद वह आम आदमी के दुख-दर्द कम करेंगे़ लेकिन नतीजा बिल्कुल उलट हुआ़ आप के कई मंत्री तरह-तरह के आरोपों से घिरे, एक-एक कर पद से हटाये जा रहे हैं. यह कहना गलत नहीं होगा कि आप सरकार के दागी नेता अपने साथ-साथ पार्टी की भी लुटिया डुबो रहे हैं.
पायल बजाज, धनबाद
