आज की तेज रफ्तार जिंदगी में वाहन भी तेज हो चले हैं और यही वजह है कि पिछले कुछ वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ा है. कार और मोटरसाइकिल बनानेवाली कंपनियां अपने ग्राहकों को लुभाने के लिए वाहनों की स्पीड बढ़ाती जा रही हैं. अधिक स्पीड से वाहन चलाना यातायात नियमों का उल्लंघन तो है ही, साथ ही जान का जोखिम लेना भी है.कभी न पहुंचने से तो देरी ही अच्छी होती है. याद रखना चाहिए कि मानव जीवन केवल कीमती नहीं, बल्कि अनमोल है.
शिवानी दुबे, रांची
