मोदी सरकार का कुछ शहरों को स्मार्ट बनाना एक अच्छा कदम है, मगर इसमें कुछ कमियां दिख रही हैं.अभी यह कार्यक्रम अधूरा है, जिस पर पारदर्शी तरीके से विचार करने की जरूरत है, ताकि इसमें कोई कमी न रहे. इसमें सबसे बड़ी कमी नियोजन की है, जिसके बिना, सिवाय धन की बरबादी के कुछ नहीं होगा. गांधीजी के अनुसार गांव को भी यदि संपूर्ण इकाई बना दिया जाये, तो शहरों की ओर पलायन नहीं होगा. इसके साथ एनसीआर और अन्य महानगरों में बाहरी और अंदरूनी मुद्रिका, रेल सेवा, नदी-नालों की सफाई भी जरूरी है. आशा है मोदी सरकार इसे पूरा करने का प्रयास करेगी.
वेद मामूरपुर, नरेला
