पिछले दिनों प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस बारे में यह झूठा प्रचार किया जा रहा है कि उनकी पार्टी आरक्षण को खत्म कर देगी़ कोई ऐसा नहीं कर सकता. प्रधानमंत्री को यह भी याद रखना चाहिए कि आरक्षण ने समाज को बांटने का काम किया है.
जो लोग आरक्षण से लाभान्वित हुए हैं वे सहमत होंगे कि आरक्षण मिलना चाहिए, लेकिन जिन्हें लाभ नहीं मिला वे कहते हैं कि आरक्षण नहीं मिलना चाहिए. सरकार को चाहिए कि वह एक समिति बनाये जो यह तय करे कि कितने लोगों को और कितने दिनों तक आरक्षण की आवश्यकता होनी चाहिए. आरक्षण का आधार जातिगत न होकर आर्थिक पिछड़ापन होना चाहिए.
सत्येंद्र कुंवर, गोमो
