मिला एक और अधिकार

बिहार में लागू हुआ लोक शिकायत निवारण अधिनियम सरकारी मशीनरी की जनता के प्रति जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है. लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को अधिकार संपन्न बनाने से बहुत कुछ बदल जाता है. इस लिहाज से राज्यों में ऐसा कानून पहले ही बन जाना चाहिए था. इस कानून […]

बिहार में लागू हुआ लोक शिकायत निवारण अधिनियम सरकारी मशीनरी की जनता के प्रति जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है. लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को अधिकार संपन्न बनाने से बहुत कुछ बदल जाता है. इस लिहाज से राज्यों में ऐसा कानून पहले ही बन जाना चाहिए था.

इस कानून को लागू कर बिहार ने नजीर पेश की है. यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि अक्सर लोग अपनी समस्या को लेकर दफ्तरों के चक्कर लगाते-लगाते थक-हार कर बैठ जाते हैं. इस कड़वी सच्चाई के आईने में, लोक शिकायतों को समयबद्ध तरीके से दूर करने के लिए लाया गया यह कानून आम लोगों को न केवल सशक्त बनायेगा, बल्कि काम को टरकाने की सरकारी बाबुओं की मानसिकता पर भी चोट पहुंचायेगा. व्यापकता में देखें, तो इससे सरकारी तंत्र की गतिशीलता बढ़ेगी.

अब ऐसा मुमकिन नहीं होगा कि किसी अटके हुए काम के लिए बहाने-पर-बहाने बनाते जाये, क्योंकि शिकायतों की वास्तविक स्थिति के बारे में एक तय समय सीमा के भीतर जानकारी देनी होगी. अब तक देखा जाता था कि शिकायतों पर शिथिलता की ऐसी चादर पड़ी रहती थी कि उसके बारे में बतानेवाला कोई नहीं होता था. लेकिन, अब शिकायत को टालना आसान नहीं होगा, उस पर कार्रवाई की गारंटी होगी. इस कानून के तहत मिला अपील का अधिकार सरकारी मशीनरी के उत्तरदायित्व को बढ़ायेगा.

हालांकि, सरकारी मशीनरी को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने में इस कानून की भूमिका तभी कारगर होगी, जब इसकी मॉनीटरिंग व्यवस्था मजबूत होगी. इस संदर्भ में लोक सेवा के अधिकार के तहत साढ़े तेरह लाख में से 13.33 लाख लोगों को मिल चुकीं तरह-तरह की सेवाओं को भी देखा जाना चाहिए. अगर ऐसी व्यवस्था न होती, तो इन लोगों को मुश्किल हालात से गुजरना पड़ता.

नीतीश कुमार ने इस कानून का फीडबैक लेने की बात कही है, जो उम्मीद जगाती है कि शीर्ष स्तर से इसकी देख-रेख होगी. बिहार ने जनता को अधिकार संपन्न बनाने की दिशा में जो ठोस कदम उठाया है, उसके प्रति दूसरे राज्यों को भी सकारात्मक रुख दिखाना चाहिए. इससे व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ेगा और लालफीताशाही को नियंत्रित किया जा सकेगा.

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