निष्ठा का हलफनामा

पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर बाबू ने अपने विधायकों से 100 रुपये के स्टांप पेपर पर ‘निष्ठा’ का हलफनामा लेकर एक अद्भुत कार्य किया है. भले ही लोग इसे चाटुकारिता या चमचागिरी का नाम दें, यह कदम है तो व्यावहारिक. अधीर बाबू की अधीरता की यह वजह रही कि उनके विधायक कहीं तृणमूल कांग्रेस […]

पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर बाबू ने अपने विधायकों से 100 रुपये के स्टांप पेपर पर ‘निष्ठा’ का हलफनामा लेकर एक अद्भुत कार्य किया है. भले ही लोग इसे चाटुकारिता या चमचागिरी का नाम दें, यह कदम है तो व्यावहारिक. अधीर बाबू की अधीरता की यह वजह रही कि उनके विधायक कहीं तृणमूल कांग्रेस में न चले जायें.

दूसरे शब्दों में उन्होंने मान लिया की ममता दीदी की कांग्रेस ही असल कांग्रेस है, सोनिया जी वाली कांग्रेस ग्रासरूट कांग्रेस नहीं! हलफनामा लेकर उन्होंने यह संदेश देने की चेष्टा की है कि अगर दिमाग का उपयोग या दुरुपयोग किया तो ‘बच्चू मुकदमे में फंसा देंगे’! झारखंड के बाबूलाल जी पछता रहे होंगे कि हलफनामा लेने वाली बात उनके दिमाग में क्यों नहीं आयी, वरना उनके छह विधायक आज उनके साथ होते!

विनय कुमार सिन्हा, रांची

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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