जनसंख्या विस्फोट और तेजी से घटते प्राकृतिक संसाधनों के कारण पेयजल संकट पैदा हुआ है. भू-जलस्तर तेजी से गिर रहा है. इस कारण जल संकट प्रतिदिन गहराता जा रहा है. माॅनसून आशा के अनुरूप जरूर लगता है, लेकिन वास्तविकता क्या होगी, कुछ कहा नहीं सकता. माॅनसून के पानी को सहेजने के लिए दुर्भाग्य से अब कोई खास तैयारी भी दिखायी नहीं देती.
अतः इसके संरक्षण और उचित प्रबंधन आदि के लिए युद्धस्तर पर केंद्र और सरकारों को मिल कर काम करना चाहिए. दिल्ली जैसे महानगरों में बावड़ी और जोहड़ों आदि से अतिक्रमण हटा कर वर्षा के पानी को उचित दिशा देना बहुत जरूरी है.
वेद मामूरपुर, नरेला
