उत्तर तथा मध्य भारत समेत कमोबेश पूरा देश भीषण गर्मी की चपेट में है. झुलसा देने वाली गर्मी ने सदियों के रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं. देश के अन्य शहरों में भी सूरज देव के सितम के आगे लोग बेदम नजर आ रहे हैं. सूरज की यह तपिश जानलेवा साबित हो रही है. लगातार चलती गर्म हवाओं (लू) ने लोगों को अपने घरों में दुबकने को मजबूर कर दिया है.
बीच में एकाध दिन हुई छिटपुट वर्षा भी गर्मी से राहत दिलाने में नाकाफी साबित हो रही है़ दूसरी तरफ, बिजली की आंख-मिचौली के कारण लोगों की नींद-चैन हराम हुआ है. सूरज की तपिश और उमस के आगे लोग बिलबिला रहे हैं. फिलहाल, चर्चा इस बात पर होनी चाहिए कि क्या वजह है कि प्रकृति मानव समुदाय के साथ दोस्ताना व्यवहार नहीं कर रही है?
सुधीर कुमार, गोड्डा
