टेट उत्तीर्ण युवकों के साथ अन्याय न हो

झारखंड में बेरोजगार युवकों के लिए सरकारी नौकरी पाना अब एक सपना बन गया है. खास कर प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया तो जरूर एक मजाक बन कर रहा गयी है. कभी शिक्षा मंत्री का बयान तो कभी राजनीतिक पार्टियों का बयान, तो कभी माननीय कोर्ट का आदेश, सभी टेट उतीर्ण युवकों के लिए निराशाजनक ही […]

झारखंड में बेरोजगार युवकों के लिए सरकारी नौकरी पाना अब एक सपना बन गया है. खास कर प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया तो जरूर एक मजाक बन कर रहा गयी है. कभी शिक्षा मंत्री का बयान तो कभी राजनीतिक पार्टियों का बयान, तो कभी माननीय कोर्ट का आदेश, सभी टेट उतीर्ण युवकों के लिए निराशाजनक ही साबित रहे हैं. राज्य में शिक्षकों की कमी दूर हो, इसके लिए जैक द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा ली गयी, जिसमें लगभग 65 हजार युवक उर्त्तीण भी हुए.

पांच माह बाद लगभग 18000 शिक्षक नियुक्ति का विज्ञापन सरकार के द्वारा निकाला गया. लेकिन बड़ी चतुराई से विज्ञापन में ऐसे शर्त व नियम लगाये गये कि लाख प्रयास के बाद भी पांच हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पायेगी. सरकार से आग्रह है कि द्वितीय सूची पर से शंका के बादल जल्द से जल्द हटाये.
विनोद कुमार, रांची

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