यूं खत्म होगा आरक्षण

हमारे देश में आरक्षण एक सदाबहार मुद्दा है. आज भी यह कई नेताओं के गले की हड्डी बन जाता है. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने इसकी समीक्षा करने का बयान क्या दे दिया, पूरे देश में हंगामा खड़ा हो गया. इसमें कोई शक नहीं आरक्षण समाज के पिछड़े, दलितों, अल्पसंख्यकों का हक है क्योंकि विभिन्न […]

हमारे देश में आरक्षण एक सदाबहार मुद्दा है. आज भी यह कई नेताओं के गले की हड्डी बन जाता है. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने इसकी समीक्षा करने का बयान क्या दे दिया, पूरे देश में हंगामा खड़ा हो गया. इसमें कोई शक नहीं आरक्षण समाज के पिछड़े, दलितों, अल्पसंख्यकों का हक है क्योंकि विभिन्न परिस्थितियों के कारण वो आगे नहीं बढ़ पाते.
कुछ नेता अपने वोट बैंक के लिए इस पर राजनीति करना भी नहीं छोड़ते, लेकिन क्या हम उस वजह को खत्म नहीं कर सकते, जिसकी वजह से आरक्षण देने की जरूरत पड़ती है? अगर शिक्षा और रोजगार से जुड़ी अच्छी नीतियां बनायी जायें, तब आरक्षण की मांग काफी हद तक काम की जा सकती है.
सोनल कुमार महतो, कोलकाता

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