टेट में असफल परीक्षार्थीयों के परीक्षा परिणाम प्रकाशन के संबंध में संजय कुमार द्वारा दी गयी दलील खोखली और बचकानी है. उनके अनुसार भूल करना मानव स्वभाव है, अत: भूलवश की गयी गलतियों को माफ कर असफल परीक्षार्थियों का परिणाम प्रकाशित होना चाहिए.
तब तो भूलवश सभी परीक्षार्थियों ने सही की जगह गलत उत्तर पर चिह्न् लगा दिया, अत: परीक्षा में सभी को पास कर देना चाहिए! तब तो मैं तो कहूंगी कि सभी परीक्षाओं में जैसे रेलवे, बैंक, यूपीएससी आदि में हुई भूलों को मानवीय भूल समझ कर माफ करना चाहिए.
क्या ऐसा होता है? इस झारखंड में टेट एक मजाक हो गया है. मेरा सभी सुधीजनों से अनुरोध है कि टेट के खारिज परिणाम जारी नहीं किये जाएं, अन्यथा यह परीक्षा शिक्षक पात्रता परीक्षा न होकर अपात्र शिक्षक परीक्षा बन कर रह जायेगी.
आराधना, जमशेदपुर
