जनता का बोझ करें ‘आप’ व भाजपा

बेचारी जनता पहले ही कमरतोड़ महंगाई और अन्य ढेर सारी असुविधाओं के बोझ तले बुरी तरह छटपटा रही है. उधर भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) में सरकार बनाने पर रस्साकशी ही चल रही है. दुर्भाग्य से अपने स्वार्थ में इन्हें जनता की कोई चिंता ही नहीं है. ये अब मिल कर सरकार बनायें और […]

बेचारी जनता पहले ही कमरतोड़ महंगाई और अन्य ढेर सारी असुविधाओं के बोझ तले बुरी तरह छटपटा रही है. उधर भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) में सरकार बनाने पर रस्साकशी ही चल रही है. दुर्भाग्य से अपने स्वार्थ में इन्हें जनता की कोई चिंता ही नहीं है. ये अब मिल कर सरकार बनायें और जैसा कि भाजपा ने 30 फीसदी और आम आदमी पार्टी ने 50 फीसदी बिजली के बिल कम करने का वादा किया था, उस अनुसार दोनों मिल कर इसका औसत 40 फीसदी बिजली के बिल तुरंत कम करें.

जमाखोरी रोक कर सब्जियों और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम नियंत्रित करें और पानी, सड़कों और बसों की व्यवस्था को शिक्षित युवा पीढ़ी को पक्का रोजगार देकर तुरंत दुरु स्त करें, क्योंकि ये जनता की मूलभूत जरूरतें हैं. जनता अब ज्यादा बरदाश्त नहीं कर सकती.

वेद मामूरपुर, नरेला, दिल्ली

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