विज्ञापनों से नियंत्रित होते बच्चे

आपके अखबार के माध्यम से मैं भीड़ भरे बाजारों में छाये विज्ञापनों के बैनर, पोस्टर, तोरणद्वार और उनके दुष्प्रभावों की ओर ध्यान दिलाना चाहूंगा. मेरे विचार से फैशन जगत में मार्केटिंग के जो आक्रामक फंडे इस्तेमाल किये जाते हैं, शायद ही किसी और सेक्टर में ऐसा होता हो. नये फैशन के नाम पर कंपनियां अपने […]

आपके अखबार के माध्यम से मैं भीड़ भरे बाजारों में छाये विज्ञापनों के बैनर, पोस्टर, तोरणद्वार और उनके दुष्प्रभावों की ओर ध्यान दिलाना चाहूंगा. मेरे विचार से फैशन जगत में मार्केटिंग के जो आक्रामक फंडे इस्तेमाल किये जाते हैं, शायद ही किसी और सेक्टर में ऐसा होता हो. नये फैशन के नाम पर कंपनियां अपने उत्पाद को किसी भी तरह बाजार में स्थापित करना चाहती हैं. अंग दिखाऊ कटआउट, अश्लील और मादक अंदाज में प्रदर्शित चेहरे आज सभी चौक-चौराहों पर मिल जायेंगे. कंपनियां इन्हें दिखाने के लिए हर तरह की सीमा पार कर जाती हैं. अब तो उनके बड़े-बड़े बैनर और तोरणद्वार स्कूल गेट के सामने भी लगे दिखते हैं.

दरअसल कंपनियां स्कूल जानेवाले बच्चों को भी टारगेट कर रही हैं. वे उन्हें मजबूत ग्राहक के रूप में देखती हैं. स्कूल जानेवाले बच्चे इन विज्ञापनों को देख कर आपस में इनकी चर्चा करते हैं. वे अपने जेब खर्च का इस्तेमाल इन कंपनियों के उत्पाद खरीदने में कर रहे हैं. कंपनियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि इससे बच्चों की आदतें बिगड़ रही हैं. कोई अभिभावक शिक्षकों को इस बात के लिए दोषी नहीं ठहरा सकता कि वे उनके बच्चों को नैतिकता का पाठ नहीं पढ़ा रहे. नैतिकता तो गुजरे जमाने की चीज हो गयी है.

दरअसल शिक्षक वही है जिससे हम कुछ न कुछ सीखते हैं. बाजार में जो विज्ञापनों के पोस्टर हैं, वे बच्चों के कोमल मस्तिष्क पर हावी हो रहे हैं. एक तरह से वे बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं. इस बात को हम-आप सभी महसूस करते होंगे. केवल पोस्टर ही नहीं, टीवी पर भी यही बात लागू होती है. इसका मतलब यह हुआ कि घर से लेकर स्कूल और बाजार तक केवल विज्ञापनों की ही दुनिया है, जो हमारे बच्चों का भविष्य अंधकारमय बना रही है. महादेव महतो, ई-मेल से

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >