मंगलमय यात्रा की ओर चला भारत

चांद को फतह करने के बाद, अब भारत ने अपनी सूची में एक और नाम जोड़ लिया है, मंगल. भारत का यह अभियान विश्व में अनूठा और इकलौता अभियान नहीं है. यूरोपियन कंसोर्टियम की यूरोपियन स्पेस एजेंसी, अमेरिका की नासा और रूस की रोस्कोस्मोस भी मंगल अभियान में सफल रह चुकी हैं. ऐसे में इस […]

चांद को फतह करने के बाद, अब भारत ने अपनी सूची में एक और नाम जोड़ लिया है, मंगल. भारत का यह अभियान विश्व में अनूठा और इकलौता अभियान नहीं है. यूरोपियन कंसोर्टियम की यूरोपियन स्पेस एजेंसी, अमेरिका की नासा और रूस की रोस्कोस्मोस भी मंगल अभियान में सफल रह चुकी हैं.

ऐसे में इस अभियान पर सवाल किया जाना लाजमी है. कई लोगों का मानना है कि यह जनता के पैसों की बरबादी है, तो कई लोगों के लिए यह राष्ट्रीय-गर्व की बात है. न सिर्फ देश में, बल्किअंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस प्रक्षेपण का गहरा असर पड़ा है. इस प्रक्षेपण ने चीन, पाकिस्तान और अमेरिका के माथे पर बल ला दिया है. ऐसा हो भी क्यों नहीं? हमने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में उनको न सिर्फ चुनौती दी है, बल्किहम सामरिक रूप से भी उन्नत होंगे. भारत ने मंगल अभियान से अपना स्थान ऊंचा किया है. ये संपूर्ण राष्ट्र में शक्ति-बोध का संचार करेगा. पल्लवी, जमशेदपुर

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >