क्या हमें अच्छी नालियों का हक नहीं ?

झारखंड की राजधानी रांची शहर के व्यस्ततम चौराहे, कांटाटोली चौक से फातिमा नगर चौक, डंगराटोली तक जानेवाली सड़क के किनारे की नालियों के निर्माण में भरी गड़बड़ी की संभावना लगती है. चूंकि अभी तक निर्माण अधूरा पड़ा है. बरसात के बाद नालियां बजबजा रहीं हैं. नालियों के स्लैब अभी तक सही ढंग से वापस उन […]

झारखंड की राजधानी रांची शहर के व्यस्ततम चौराहे, कांटाटोली चौक से फातिमा नगर चौक, डंगराटोली तक जानेवाली सड़क के किनारे की नालियों के निर्माण में भरी गड़बड़ी की संभावना लगती है. चूंकि अभी तक निर्माण अधूरा पड़ा है.

बरसात के बाद नालियां बजबजा रहीं हैं. नालियों के स्लैब अभी तक सही ढंग से वापस उन पर रखे नहीं गये हैं. दुकानदार अर्धनर्मित नालियों में ही कचरे फेंक कर गंदगी को और फैला रहे हैं. इससे राहगीरों, खासकर स्कूली बच्चों को नाक बंद कर आना-जाना पड़ता है. कई दुकानदार अर्धनिर्मित नालियों के ऊपर तक अपनी दुकान को बढ़ा चुके हैं. पास में स्थित यात्री शेड की हालत भी दयनीय है. नगर निगम के अधिकारी मानो कानों में तेल डाल कर सो रहे हैं और ठेकेदार गायब हैं. क्या हमें अच्छी नालियां देखने का अधिकार नहीं है?

रैमक्स टोप्पो, लालपुर, रांची

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >