कौन रोकेगा इसे, हम या सरकार ?

आज झारखंड राज्य में जिस तरह सरकारी खजाना को मंत्री, नेता, अफसर आदि मिल कर लूटने के हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं, ठीक उसी तरह आम जनता को सेवा के बहाने गांव के कुछ असामाजिक लोग आम आदमी को लूटते हैं, खास कर पिछड़े इलाकों में इस तरह की समस्या आम चुकी है. […]

आज झारखंड राज्य में जिस तरह सरकारी खजाना को मंत्री, नेता, अफसर आदि मिल कर लूटने के हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं, ठीक उसी तरह आम जनता को सेवा के बहाने गांव के कुछ असामाजिक लोग आम आदमी को लूटते हैं, खास कर पिछड़े इलाकों में इस तरह की समस्या आम चुकी है. सवाल यह है कि यह सरकार शौक से पनपने देती है या सरकार की मजबूरी है?

पिछले दिनों साहेबगंज-पाकुड़ के समाचार पत्रों में लिट्टीपाड़ा में डायरिया की खबरे छायी रहीं. युनाइटेड मिल्ली फोरम झारखंड शाखा-पाकुड़ की हमारी टीम ने निशुल्क: चिकित्सा शिविर का आयोजन कर एक जत्था निकाला. क्षेत्र में चिकित्सा सेवा महंगा होने की बात सामने आयी. इतना महंगा कि इलाज के बजाय दम घुट कर मर जाना अच्छा समझते हैं यहां के लोग. इसकी जिम्मेदार कौन है, हम या सरकार? डॉ जियाउद्दीन, पाकुड़

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