हिंदू धर्म-संस्कृति पर प्रहार की साजिश

इधर कुछ वर्षो से हिंदू धर्म और संस्कृति के प्रहरी साधु–संतों पर विरोधियों द्वारा लगातार हमले हो रहे हैं. झूठे और बेबुनियाद आरोप लगा कर उनकी प्रतिष्ठा धूमिल करने के सुनियोजित षड्यंत्र रचे जा रहे हैं. इससे जनमानस मर्माहत है. शंकराचार्य श्री जयेंद्र सरस्वती के बाद पूज्य आसाराम बापू पर विरोधियों द्वारा हमले तेज कर […]

इधर कुछ वर्षो से हिंदू धर्म और संस्कृति के प्रहरी साधुसंतों पर विरोधियों द्वारा लगातार हमले हो रहे हैं. झूठे और बेबुनियाद आरोप लगा कर उनकी प्रतिष्ठा धूमिल करने के सुनियोजित षड्यंत्र रचे जा रहे हैं. इससे जनमानस मर्माहत है.

शंकराचार्य श्री जयेंद्र सरस्वती के बाद पूज्य आसाराम बापू पर विरोधियों द्वारा हमले तेज कर भारत की सनातन हिंदू संस्कृति और इसकी सार्वभौमिकता को ही कुंठित कर इसे हाशिये पर डालने की कोशिशें की जा रही हैं. पहले भी उन पर और उनके आश्रमों पर कई तरह के आरोप लगाये गये, लेकिन वे सभी विभिन्न जांचों और अदालतों द्वारा झूठे निराधार साबित हुए. लेकिन मीडिया ने इसे इतना प्रचारितप्रसारित नहीं किया, जितना वह आज आरोपों को सनसनी बना कर प्रचारित कर रहा है. लेकिन हमें यकीन है कि आसाराम बापू इन आरोपों से बेदाग बाहर आयेंगे.

(कृष्ण मोहन प्रसाद, रांची)

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >