‘आप’ के असंतुष्टों की बर्खास्तगी आश्चर्यजनक नहीं है. ज्यादातर भारतीय नेताओं के डीएनए में सामंतवाद भरा है. वे सम्राटों और मध्यकालीन राजाओं की तरह व्यवहार करते हैं, जो सत्ता के लिए भाइयों को भी मार डालने से गुरेज नहीं करते. यहां तानाशाही प्रभुत्व को अनुशासन कह कर चलाया जाता है.
‘कामराज योजना’ के तहत तब की कांग्रेस में प्रधानमंत्री प्रतियोगियों को दरकिनार किया गया था. मधु लिमये जैसे कई दूसरे नेताओं को कांग्रेस छोड़ने के लिए मजबूर किया गया.
भारतीय राजनीति के दिग्गजों श्यामा प्रसाद मुखर्जी और लाल बहादुर शास्त्री की रहस्यमय तरीके से मौत हो गयी. एलएन मिश्र की मृत्यु विस्फोट में हो गयी, जिसका कोई सुराग नहीं मिला. अधिकतर पार्टियों में लोकतंत्र को निलंबित कर दिया गया है. उनके लिए लोकतंत्र का मतलब है सिर्फ सत्ता पाने का जरिया.
हराधन मुखोपाध्याय, पश्चिमी सिंहभूम
