मानसिकता बदलने से बदलेंगे हालात

आज के इस बदलते दौर में जहां लोग महिला-पुरुष को बराबरी का दर्जा देने की बात करते हैं, वहीं हमारे देश की महिला पर ये अत्याचार? कौन है इसका जिम्मेवार, नारी इतनी कमजोर क्यों है? आखिर इसकी वजह क्या है कि हम अपने घर मे भी सुरक्षित नहीं रहीं? महिलाओं के साथ इस तरह की […]

आज के इस बदलते दौर में जहां लोग महिला-पुरुष को बराबरी का दर्जा देने की बात करते हैं, वहीं हमारे देश की महिला पर ये अत्याचार? कौन है इसका जिम्मेवार, नारी इतनी कमजोर क्यों है? आखिर इसकी वजह क्या है कि हम अपने घर मे भी सुरक्षित नहीं रहीं?
महिलाओं के साथ इस तरह की शर्मनाक घटना को अंजाम देकर बेखौफ घूमते अपराधी सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था को मुंह चिढ़ाते हैं. कभी स्कूल-कॉलेज में, तो कभी चलती बस में, हर जगह यही आलम है. घटना के विरोध में लोग टायर जलाते हैं, कैंडल मार्च निकालते हैं, जुलूस निकालते हैं, सड़क जाम करते हैं.
क्या इससे गुनाह रुक जायेगा? हमें समस्या की असली जड़ तक पहुंचना होगा, तभी स्थिति में सुधार हो सकता है. घिनौनी मानसिकता वाले लोगों को सुधारना होगा, तभी हमारी मां-बहनें-बेटियां सुरक्षित होंगी.
मंजरी मिश्र, आदित्यपुर, जमशेदपुर

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