यह सम्मान का सम्मान है

शलाकापुरुष अटल बिहारी वाजपेयी को देश के सर्वोच्च सम्मान, भारत रत्न से नवाजे जाने से देशवासियों को एक बार फिर गर्व करने का अवसर मिला है. वे महान कवि, बड़े विचारक, उम्दा राजनीतिज्ञ व 21वीं सदी के अंतरराष्ट्रीय ख्यातिलब्ध राजनेता रहे हैं. देश की विविधता की सही समझ रखने वाले वाजपेयी जी ने अपने कार्यकाल […]

शलाकापुरुष अटल बिहारी वाजपेयी को देश के सर्वोच्च सम्मान, भारत रत्न से नवाजे जाने से देशवासियों को एक बार फिर गर्व करने का अवसर मिला है. वे महान कवि, बड़े विचारक, उम्दा राजनीतिज्ञ व 21वीं सदी के अंतरराष्ट्रीय ख्यातिलब्ध राजनेता रहे हैं.
देश की विविधता की सही समझ रखने वाले वाजपेयी जी ने अपने कार्यकाल में उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ व झारखंड जैसे तीन प्रदेशों के लिए वर्षो से चली आ रही मांग को पूरा किया तो दूसरी ओर उन्होंने देश की आन-बान और शान के साथ कोई समझौता नहीं करने का संदेश भी पड़ोसी देशों को दिया.
भारतीय उपमहाद्वीप के सर्वमान्य अभिभावक राजनेता स्वरुप उनके अथक प्रयासों से विश्व में भारत ने ख्याति पायी. मां भारती के इस वरद्पुत्र को मिला यह सम्मान वास्तव में उक्त सम्मान का ही सम्मानित होना कहा जाये, तो कोई अतिशयोक्ति न होगी.
महादेव महतो, तालगड़िया

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